Last updated on April 13th, 2024 at 02:27 pm
NAV क्या होता है जानकारी हिंदी में NAV Kya Hai full form in Hindi
यदि आप म्यूच्यूअल फण्ड में इन्वेस्टमेंट करते है तो आपको NAV बारे में पता होगा क्योंकि म्यूच्यूअल फण्ड इन्वेस्टर में NAV के बारे में तो सारा दिन बाते होती है लेकिन यदि आपको NAV के बारे नहीं पता है और आप म्यूच्यूअल फण्ड में इन्वेस्टमेंट करना चाहते है तो आपको NAV के बारे में जरूर पता होना चाहिए क्योंकि इसके बिना आपको प्रॉब्लम हो सकती है आपको अच्छे स्टॉक को सेलेक्ट करने में तो आपको आसान तरीके से बताते है की NAV क्या होता है आसान भाषा में बताया जाए तो इसका मतलब Net Asset Value और यह की किसी भी कंपनी के करंट टाइम के एसेट्स के मार्किट वैल्यू में से टोटल liabilities को Less कर के फिर से उस दिन की टोटल नंबर से डिवाइड करके निकाला जाता है.
NAVफंड की पर यूनिट होती है और हर दिन बिजनेस के लास्ट में Asset मैनेजमेंट कंपनी (AMC) के द्वारा इसकी कैलकुलेशन की जाती है किसी भी दिन यदि म्यूच्यूअल को को बंद कर दिए जाये और म्यूच्यूअल फण्ड होल्डर को जो पैर यूनिट के बदले जी कीमत दी जाती है.एक यूनिट को उस दिन का NAV कहा जाता है इस तरह NAV को म्यूच्यूअल फण्ड की यूनिट की बुक वैल्यू भी कहा जाता है. और म्यूच्यूअल फण्ड में ज्यादातर यूनिट की की बैस वैल्यू Rs. 10 रुपये या 100 रुपये होती है. हर कोई व्यवसाय में दिन के अंदर NAV उपर नीचे जाता रहता है NAV in Hindi
NAV फण्ड किसी म्यूच्यूअल फण्ड के यूनिट के ग्रोथ का introductory होता है.यदि आप किसी फण्ड में 12 रुपया पर यूनिट इन्वेस्ट करते है NAV में इन्वेस्टमेंट करते है और एक साल बाद यदि उस यूनिट का NAV 15 रुपये हो जाता है तो उसे फण्ड ने 25% ग्रोथ की है
म्यूच्यूअल फण्ड क्या है यह कितने प्रकार के होते है
NAV की फुल फॉर्म है Net Asset Value यानी NAV का अर्थ है कुल संपत्ति का मूल्य है किसी भी म्यूचुअल फण्ड में नेट एसेट वैल्यू , या NAV का मतलब नकदी सहित पोर्टफोलियो के सभी शेयरों के बाजार मूल्य के कुल योग में से देनदारियों को घटाने के बाद बकाया जो भी बचे उसे इकाइयों की कुल संख्या से विभाजित करके NAV निकाला जाता है
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NAV फंड की प्रति यूनिट की कुल परिसंपत्ति मूल्य है और हर दिन के कारोबार के अंत में उस फण्ड की एसेट मैनेजमेंट कंपनी द्वारा इसकी गणना की जाती है। किसी भी दिन यदि उस म्यूचुअल फण्ड को समाप्त कर दिया जाए तो उस म्यूचुअल फण्ड में यूनिट धारक को प्रत्येक यूनिट के बदले जो कीमत मिलेगी वही उस यूनिट का उस दिन का NAV होता है. एक तरह से कह सकते हैं कि NAV किसी भी म्यूचुअल फण्ड की यूनिट की Book Value होती है.
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1. यह एक इंडीकेटर्स होता है. जो म्यूच्यूअल फण्ड की परफॉरमेंस ग्रोथ को दर्शाता है जैसे उदहारण ;- एक म्यूच्यूअल फण्ड Rs.10 रूपये का था तो उस म्यूच्यूअल फण्ड ने 50% का प्रॉफिट किया कम NAV वाला फण्ड ज्यादा प्रॉफिट देगा और ज्यादा NAV वाला कम प्रॉफिट देगा यह बिलकुल गलत है क्योंकि NAV कैलकुलेशन से पिछले साल्वेशन का पता चलता है और भविष्य में म्यूच्यूअल फण्ड अच्छा भी हो सकता है और काम भी हो सकता है
2.आसान भाषा में कहा जाये तो किसी म्यूच्यूअल फण्ड में नेट एसेट वैल्यू उस NAV का मतलब कैश पोर्टफोलियो टैक्स शेयर के मार्किट प्राइस के टोटल में से क्रेडिटर को लेस्स करने के बाद जो बकाया बचता है उसे टोटल यूनिट से डिवाइड करके याद किया जा सकता है.
जब आप स्कीम को भुनाते हैं या दूसरे शब्दों में इसे बेचते हैं तो एक्जिट लोड भी लगता है. यह एक तरह की फीस है जो बढ़ी हुई एनएवी पर लगती है. मान लीजिए कि एक फीसदी की दर से एक्जिट लोड लगता है तो आपको अब 12,375 रुपये ही मिलेंगे | इसका फॉर्मूला यह है: 50 यूनिट * 247.50 रुपये एनएवी – एक्जिट लोड.
इस तरह एनएवी म्यूचुअल फंड स्कीम के एसेट का मूल्य है, जिसे प्रति यूनिट देनदारी को घटाकर निकाला जाता है.
एनएवी कैश के साथ रखी गयी सभी प्रतिभूतियों की कुल कीमत दर्शाता है , जैसा कि आपने देखा कि इसकी गणना यूनिट के आधार पर होती है जिसमें सभी देनदारियों को घटा दिया जाता है. अगर स्कीम की अधिकांश प्रतिभूतियों के दाम बढ़ते हैं, तो एनएवी भी बढ़ेगी. अगर घटेंगे तो एनएवी घट जाएगी. यानी एनएवी स्कीम की प्रतिभूतियों की कीमतों के साथ बढ़ती-घटती है. प्रतिभूतियों का मतलब इक्विटी और डेट दोनों तरह के साधनों से है | इसमें इक्विटी शेयर, बॉन्ड, डिबेंचर, कॉमर्शियल पेपर इत्यादि शामिल हैं |
NAV = (assets – liabilities) / number of outstanding shares
For example, a mutual fund has $100 million of investments, based on the day’s closing prices for each individual asset. It also has $7 million of cash and cash equivalents on hand, as well $4 million in total receivables. Accrued income for the day is $75,000. The fund has $13 million in short-term liabilities and $2 million in long-term liabilities. Accrued expenses for the day are $10,000. The fund has 5 million shares outstanding. The NAV is calculated as:NAV = (($100,000,000 + $7,000,000 + $4,000,000 + $75,000) –
($13,000,000 + $2,000,000 + $10,000)) / 5,000,000 = ($111,075,000 – $15,010,000) / 5,000,000 = $19.21
Note;- लेकिन NAV ये वैल्यू डेली चेंज होती रहती है. क्योकि सिक्योरिटीज का मार्किट वैल्यू डेली चेंज होता रहता है स्कीम का NAV भी डेली चेंज होता रहता है
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