एम कॉम कोर्स क्या होता है ? इसके सब्जेक्ट , योग्यता और फीस सम्बन्धी जानकारी

एम कॉम कोर्स क्या होता है ? इसके सब्जेक्ट , योग्यता और फीस सम्बन्धी जानकारी What is M.Com course? Information related to its subjects, qualifications and fees | M.Com Course Details

आज के आधुनिक युग में शिक्षा का महत्व काफी बढ़ गया है। पहले दसवीं कक्षा पास कर लेने पर अच्छी नौकरी प्राप्त की जा सकती थी। अब Graduation करने के पश्चात भी अच्छी नौकरी की तलाश करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बहुत सी नौकरियों के लिए Post Graduate होना आवश्यक होता है।

M.Com Course Details 

वाणिज्य के क्षेत्र में रोजगार प्राप्त करने के लिए Post Graduation के रूप में MCom Course किया जाता है। MCom Course एक Master Degree Course है। इस कोर्स को वाणिज्य क्षेत्र से Graduation Degree करने के पश्चात किया जा सकता है। इस कोर्स की अवधि 2 वर्ष की होती है। आज की हमारी यह पोस्ट MCom Course Details पर आधारित है।

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एम कॉम का फुल फॉर्म क्या है –

M Com का फुल फॉर्म Master of Commerce होता है। जिसे हिंदी में वाणिज्य में स्नातकोत्तर कहा जाता है | मास्टर ऑफ कॉमर्स एक अंग्रेजी भाषा का शब्द है। जिसमें कॉमर्स का मतलब वाणिज्य होता है। जिसका मतलब वाणिज्य क्षेत्र में पोस्ट ग्रेजुएट होता है। M Com के फुल फॉर्म को आसान भाषा में समझा जाए तो एम कॉम एक ऐसी Post Graduate Degree है। जिसमें वाणिज्य से संबंधित शिक्षा प्रदान की जाती है। एमकॉम फुल फॉर्म से संबंधित जानकारी के पश्चात अब आगे एमकॉम क्या है इससे संबंधित जानकारी दी गई है।

एमकॉम क्या है ? M.Com Course Details

M.Com Commerce Education से संबंधित एक Master’s Degree है। जिसको वाणिज्य से स्नातक डिग्री हासिल करने के पश्चात किया जा सकता है। इस कोर्स की अवधि 2 वर्ष की होती है। इस मास्टर डिग्री कोर्स में Financial Accounting , Management , Taxation , Insurance , Commerce , Economics आदि के क्षेत्र में शिक्षा प्राप्त करके विशेषज्ञ बनते है। जो विद्यार्थी एकाउंटिंग और फाइनेंस में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं। उनके लिए बीकॉम करने के बाद एमकॉम कोर्स एक बेहतरीन विकल्प है। इस M Com Course के माध्यम से सरकारी और निजी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर प्राप्त किए जा सकते हैं। सरकारी क्षेत्रों में रेलवे, यूपीएससी, पीएससी जैसे क्षेत्रों में उच्च पदों पर नौकरी प्राप्त की जा सकती है।

इस से ग्रेजुएट होने वाले मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरियां प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही वाणिज्य क्षेत्र में शिक्षक बनने की इच्छा रखने वाले के लिए यह कोर्स फायदेमंद है। इस कोर्स को विषय विशेषज्ञता के अनुसार अनेकों प्रकार से किया जा सकता है। आप जिस भी विषय के लेक्चरर बनाना चाहते हैं। उसी विषय का चयन कर उसमें यह मास्टर डिग्री प्राप्त की जा सकती है। इस कोर्स को पूरा करने के पश्चात प्राप्त होने वाली नौकरियों से एक अच्छा वेतन प्राप्त किया जा सकता है।

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एमकॉम कौन कर सकता है – M.Com Course Details

जैसा कि आपको पता है यह एक वाणिज्य शिक्षा से संबंधित कोर्स है। जिसके लिए योग्यता के रूप में वाणिज्य विषयों से स्नातक डिग्री होना आवश्यक होता है। इस कोर्स में प्रवेश के लिए जो मुख्य नियम और शर्तें होती हैं। उनका विवरण नीचे दिया गया है।

  • विद्यार्थी का किसी भी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी या कॉलेज से वाणिज्य विषय के साथ ग्रेजुएट होना अनिवार्य है।
  • अधिकतर कॉलेज में योग्यता के रूप में बी कॉम से स्नातक डिग्री होना आवश्यक होती है।
  • बीकॉम में विद्यार्थी के कम से कम 50% अंक होने अनिवार्य होते हैं। कुछ कॉलेज में यह सीमा 45% भी हो सकती है।
  • कुछ कॉलेज BBA, BFIA, BBE और अर्थशास्त्र से बीए करने वाले विद्यार्थियों को भी इस कोर्स में प्रवेश देते हैं।
  • इन कोर्सों के द्वारा प्रवेश लेने के लिए विद्यार्थी के कम से कम 60% अंक होने आवश्यक होते हैं। कुछ स्थिति में सीमा कम हो सकती है।
  • अधिकतर कॉलेज स्नातक डिग्री में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार की गई मेरिट लिस्ट के अनुसार प्रवेश देते हैं।
  • कुछ प्रतिष्ठित और प्रमुख कॉलेज इस कोर्स के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित करते हैं।

जो भी विद्यार्थी ऊपर बताई गई इन नियम और शर्तों को पूरा करता है। उसे वाणिज्य से संबंधित इस स्नातकोत्तर डिग्री कोर्स में प्रवेश मिल जाता है।

एमकॉम कितने साल का है –

एमकॉम कोर्स कुल 2 वर्षों की अवधि वाला कोर्स है। इन 2 वर्षों को ज्यादातर कॉलेज में 4 सेमेस्टर में विभाजित किया जाता है। प्रत्येक सेमेस्टर 6 महीने का होता है। प्रत्येक सेमेस्टर के बाद परीक्षा आयोजित की जाती है। कुछ प्रतिष्ठित कॉलेजों में प्रवेश लेने के लिए स्नातक डिग्री पूरी करने के बाद प्रवेश परीक्षा देनी होती है। उस प्रवेश परीक्षा की तैयारी में भी 2 से 4 महीने का समय लगता है। प्रवेश परीक्षा की तैयारी में तथा कोर्स के पाठ्यक्रम के समय को मिलाया जाए तो  इस M Com Course को लगभग 2.5 वर्षों के अंदर किया जा सकता है।

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वही बारहवीं कक्षा के पश्चात इस कोर्स में लगने वाले समय की बात करें। तो बारहवीं कक्षा के पश्चात पहले स्नातक डिग्री करनी होगी। जिसमें 3 वर्ष का समय लगता है। और फिर यह कोर्स करना होगा जो 2 वर्ष का है। इस तरह से बारहवीं कक्षा के पश्चात वाणिज्य के क्षेत्र में एमकॉम की डिग्री हासिल करने के लिए 5 वर्ष से लेकर 5.5 वर्ष का समय लगता है। ऊपर आपने अभी एमकॉम कोर्स करने में कितना समय लगता है संबंधित जानकारी प्राप्त की। इस आर्टिकल M.Com Course Details in Hindi में अब आगे इस कोर्स में कितना खर्च आता है, इससे संबंधित जानकारी दी गई है।

एमकॉम की फीस कितनी है –

एमकॉम की फीस हर कॉलेज में अलग-अलग मात्रा में ली जाती है। इस कोर्स की फीस कॉलेज की फैकल्टी और इंफ्रास्ट्रक्चर के ऊपर निर्भर करती है। हर कॉलेज में एमकॉम कोर्स का पाठ्यक्रम और दी जाने वाली सुविधाएं भिन्न होती हैं। जिस कारण इन सभी कॉलेजों में एमकॉम कोर्स फीस भी अलग अलग होती है। M Com Fees in Government Colleges: सरकारी कॉलेजों में एमकॉम कोर्स फीस के रूप में कम पैसों में उचित शिक्षा प्राप्त की जा सकती है। सरकारी कॉलेजों में इस कोर्स की फीस प्राइवेट कॉलेजों के मुकाबले काफी कम होती है।

हर सरकारी कॉलेज में फीस भिन्न होने के कारण एक आंकड़ा बता पाना तो संभव नहीं है। लेकिन औसत के अनुसार अनुमान लगाया जा सकता है। सरकारी कॉलेजों में एम कॉम फीस लगभग ₹10000 से लेकर ₹30000 तक होती है। जोकि निजी शिक्षण संस्थाओं के मुकाबले काफी कम होती है। उदाहरण के लिए नीचे कुछ सरकारी कॉलेज जो के नाम और उनके द्वारा ली जाने वाली M Com Course फीस का विवरण दिया गया है।

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निजी शिक्षण संस्थान के द्वारा ली जाने वाली M Com Course Fees लगभग ₹50,000 से लेकर ₹3,00,000 तक होती है जोकि सरकारी कॉलेजों के मुकाबले काफी अधिक होती है | लेकिन प्राइवेट कॉलेजो में ज्यादातर कॉलेज ऐसे होते हैं जिन में प्रवेश परीक्षा नहीं ली जाती है जबकि सरकारी संस्थानों में प्रवेश लेने के लिए प्रवेश परीक्षा अनिवार्य होती है | फीस से संबंधित इंफॉर्मेशन और कॉलेजों की वर्तमान फीस में अंतर हो सकता है।  इसलिए विद्यार्थी से अनुरोध है कि फीस संबंधित उचित जानकारी के लिए कॉलेज की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर जानकारी प्राप्त करें।

एमकॉम कितने प्रकार का होता है –

एमकॉम कोर्स वाणिज्य शिक्षा से संबंधित कोर्स है। जिसको वाणिज्य के विभिन्न प्रकार के विषयों पर उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए किया जा सकता है। वाणिज्य के अंतर्गत आने वाले विषयों में से किसी भी विषय का चयन कर उस विषय में महारत हासिल की जा सकती है। अधिक जानकारी के लिए एमकॉम कोर्स को जिन विषय विशेषज्ञता के साथ किया जा सकता है। उसका विवरण नीचे दिया गया है।

M Com Specialization –

  • लेखा (Accounting)
  • कराधान (Taxation)
  • बैंकिंग और वित्त (Banking and Finance)
  • अर्थशास्त्र (Economics)
  • गणित (Mathematics)
  • ई-कॉमर्स (E-Commerce)
  • विपणन (Marketing)
  • कंप्यूटर एप्लीकेशन (Computer Application)
  • लेखा और वित्त (Accounting & Finance)
  • वित्त और नियंत्रण (Finance & Control)
  • वित्त (Finance)
  • बैंकिंग (Banking)
  • बिजनेस मैनेजमेंट (Business Management)
  • सांख्यिकी (Statistics)

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एमकॉम में कौन-कौन से विषय होते हैं –

एमकॉम कोर्स में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों के लिए कोर्स के विषयों के बारे में जानकारी होना आवश्यक है। विद्यार्थियों को पता होना चाहिए कि इस कोर्स के पाठ्यक्रम में पढ़ाया किया जाता है। जैसा कि आपको पता है, यह कोर्स वाणिज्य शिक्षा से संबंधित है। इसलिए इसके अंतर्गत आने वाले सभी विषय व्यवसाय से संबंधित होते हैं। एमकॉम कोर्स के पाठ्यक्रम में पढ़ाए जाने वाले प्रमुख विषयों के नाम नीचे दिए गए हैं।

Subjects of M Com Syllabus –

  • बैंकिंग (Banking)
  • लेखांकन (Accounting)
  • कर (Taxation)
  • अर्थशास्त्र (Economics)
  • वित्त (Finance)
  • ई-कॉमर्स (E-Commerce)
  • कंप्यूटर अनुप्रयोग (Computer Application)
  • संगठनात्मक व्यवहार (Organizational Behavior)
  • ऑपरेशन अनुसंधान (Operation Research)
  • व्यापार को नैतिकता (Business Ethics)
  • मानव संसाधन प्रबंधन (Human Resource Management)
  • वित्तीय प्रबंधन (Financial Management)

यह कुछ प्रमुख विषयों के नाम से इनके अलावा भी बहुत सारे विषय एमकॉम कोर्स के 2 वर्षीय पाठ्यक्रम में पढ़ाए जाते हैं। ज्यादातर कॉलेजों में ऊपर दिए गए इन्हीं विषयों के आधार पर थोड़ा बहुत परिवर्तन के साथ शिक्षा प्रदान की जाती है।

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एमकॉम के बाद क्या करें ?

कॉमर्स के क्षेत्र से मास्टर डिग्री करने वाले विद्यार्थियों के लिए कैरियर विकल्प के रूप में अनेकों रास्ते होते हैं। सरकारी नौकरियां से लेकर प्राइवेट नौकरियां और शिक्षक के तौर पर भी कार्य किया जा सकता है। इस M Com Course के पश्चात व्यवसाय के रूप में कोचिंग संस्थान खोलकर ट्यूशन की सुविधा दी जा सकती है।M.Com Course Details

आज के समय में शिक्षण संस्थान व्यवसाय एक लाभकारी व्यवसाय होता है। सरकारी नौकरियों के रूप में रेलवे से लेकर यूपीएससी , पीएससी जैसे विभागों में सरकारी पदों पर नौकरियां प्राप्त की जा सकती हैं। वही मल्टीनेशनल कंपनीज में अनेकों प्रकार के पद इस कोर्स के माध्यम से हासिल किए जा सकते हैं। एमकॉम कोर्स के बाद अग्रिम पढ़ाई के रूप में अनेकों प्रकार के कोर्स किए जा सकते हैं।

एमकॉम के बाद कौन सा कोर्स करें – M.Com Course Details

जो विद्यार्थी इस कोर्स को करने के पश्चात अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं। तो उनके लिए इस कोर्स के पश्चात किए जाने वाले अनेकों कोर्स हैं। विद्यार्थी चाहे तो इस कोर्स के पश्चात अग्रिम पढ़ाई के लिए किसी विशेष विषय से पीएचडी भी कर सकता है। तो संबंधित शिक्षा प्राप्त करने के लिए इस कोर्स के पश्चात पीजीडीसीए जैसे डिप्लोमा कोर्स किए जा सकते हैं। जो रोजगार प्राप्त करने में मदद करते हैं।

अगर विद्यार्थी वाणिज्य के क्षेत्र में प्रबंधन के कौशल को और निकालना चाहता है तो वाह इस कोर्स के पश्चात एमबीए जैसे कोर्स को कर सकता है। ऊपर बताए गए इन कोर्सों के अलावा भी और बहुत सारे कोर्स होते हैं। जो इस कॉमर्स की स्नातकोत्तर डिग्री करने के बाद कौशल को निखारने के लिए किए जा सकते हैं।

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एमकॉम कोर्स के बाद नौकरियां कैसी मिलती हैं –

जो विद्यार्थी एमकॉम कोर्स को नौकरी प्राप्त करने के मकसद से करते हैं। उनके लिए इस कोर्स के पश्चात नौकरी प्राप्त करने के अनेकों विकल्प होते हैं। नौकरी के रूप में विभिन्न प्रकार की सरकारी तथा प्राइवेट नौकरियां प्राप्त की जा सकती हैं। इन नौकरियों में जो पद प्राप्त होते हैं। उनमें से प्रमुख पदों के नाम उदाहरण के तौर पर नीचे दिए गए हैं।

  • बुक कीपर्स (Book Keepers)
  • मार्केटिंग मैनेजर (Marketing Manager)
  • ऑडिटर्स (Auditors)
  • स्टॉक ब्रॉकर्स (Stock Brokers)
  • बजट अनलिस्ट्स (Budget Analysts)
  • टीचर/लेक्चर (Teacher/Lecture)
  • बिज़नेस कंसल्टेंट्स (Business Consultants)
  • फाइनेंस मैनेजर्स (Finance Managers)
  • चीफ फाइनेंसियल अफसर (Chief Financial Officer)
  • इन्वेस्टमेंट एनालिस्ट (Investment Analyst)
  • चार्टर्ड मैनेजमेंट अकाउंटेंट (Chartered Management Accountant)
  • फाइनेंसियल एनालिस्ट (Financial Analyst)
  • ह्यूमन रिसोर्स मैनेजर (Human Resource Manager)

इनके अलावा भी और कई पद होते हैं। जो एमकॉम कोर्स करने के बाद हासिल किए जा सकते हैं। अब आगे ऊपर बताई गई जानकारी के अनुसार  इस कोर्स के माध्यम से प्राप्त होने वाली M Com Salary से संबंधित जानकारी दी गई है।

एमकॉम की सैलरी कितनी होती है  M.Com Course Details

कॉमर्स की पढ़ाई में एमकॉम कोर्स करने के बाद अनेकों प्रकार की नौकरियां प्राप्त होती हैं। इन नौकरियों में अनेकों प्रकार के पद होते हैं। जिन सभी के अलग-अलग कार्य होते हैं। विभिन्न पदों पर अलग-अलग कार्य होने के कारण उन सब की सैलरी भी अलग होती है। इसलिए इसका कोई एक आंकड़ा बता पाना आसान कार्य नहीं है।

एमकॉम सैलरी के रूप में औसत के अनुसार अनुमान लगाया जा सकता है कि एक एमकॉम ग्रेजुएट कितनी कमाई प्रति महीना कर सकता है। शुरुआती दिनों में एमकॉम ग्रेजुएट लगभग ₹15000 से लेकर ₹20000 प्रति महीना तक एमकॉम सैलरी अर्जित कर सकता है। M.Com Course Details

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वही नौकरी करते हुए एक 2 वर्ष का अनुभव प्राप्त हो जाने के बाद इस वेतन में वृद्धि होती है। और यही सैलरी ₹30000 प्रति महीना से लेकर ₹50000 प्रति महीना प्राप्त की जा सकती है। वहीं कुछ पद ऐसे होते हैं, जिनमें शुरुआत में ही ₹50000 से लेकर ₹1,00,000 प्रति महीना सैलरी प्राप्त की जा सकती है। इस प्रकार के पद ज्यादातर सरकारी नौकरियों में होते हैं। कई मल्टीनेशनल कंपनियों में उच्च पदों पर जॉब प्राप्त करने के बाद ₹100000 प्रति महीना से भी अधिक एमकॉम सैलरी अर्जित की जा सकती है।

हमारा यह आर्टिकल एमकॉम कोर्स की जानकारी पर आधारित यह आर्टिकल अब यहीं पर समाप्त होता है। अगर आपका कोई ऐसा सवाल है जिसका उत्तर इस आर्टिकल में नहीं मिल पाया है। तो उस प्रश्न को नीचे कमेंट बॉक्स के माध्यम से हम तक जरूर पहुंचाएं। हमारी टीम जल्द से जल्द इस प्रश्न का उत्तर आप तक पहुंचाने की कोशिश करेगी।

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