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बीएएमएस डिग्री कोर्स क्या है ? इसके सब्जेक्ट , योग्यता और फीस सम्बन्धी जानकारी

बीएएमएस डिग्री कोर्स क्या है ? इसके सब्जेक्ट , योग्यता और फीस सम्बन्धी जानकारी What is BAMS Degree course ? Information related to its subjects , qualifications and fees | BAMS Degree Course Hindi

About BAMS :- Bachelor of Ayurveda , Medicine and Surgery (BAMS) एक Graduate Degree Program है जिसे छात्रों को आयुर्वेद की अवधारणाओं से परिचित कराने और रोगियों के उपचार के लिए उनका उपयोग करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। बीएएमएस आधुनिक दवाओं के विचारों के साथ आयुर्वेद को शामिल करता है, और छात्रों को पाठ्यक्रम पाठ्यक्रम के हिस्से के रूप में दोनों का संयोजन सिखाया जाता है। आयुर्वेद चिकित्सा की सबसे पुरानी प्रणालियों में से एक है और इसकी जड़ें वैदिक काल से हैं। यह जड़ी-बूटियों के उपचारात्मक गुणों पर आधारित है ,

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और इसके उपचार उनमें मौजूद प्राकृतिक तत्वों के लिए जाने जाते हैं। एक वैकल्पिक उपचार पद्धति के रूप में माना जाता है, आयुर्वेद चिकित्सा प्रणाली न केवल एक बीमारी को ठीक करती है और रोकती है बल्कि उस आवृत्ति को भी कम करती है जिसके साथ मानव शरीर में बीमारियां प्रवेश करती हैं। यह शरीर की स्व-उपचार प्रणाली का उपयोग करता है। वर्तमान में , उपचार के इस वैकल्पिक तरीके को दुनिया भर के लोग स्वीकार कर रहे हैं। यहां तक ​​कि World Health Organization ने भी आयुर्वेद जैसी पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को बढ़ावा देने के लिए एक विश्वव्यापी मंच प्रदान किया है। इसलिए, Bachelor of Ayurveda , Medicine and Surgery (BAMS) ने एक पाठ्यक्रम के रूप में छात्रों के लिए कई आशाजनक अवसर खोले हैं।

बीएएमएस के लिए पात्रता मानदंड – BAMS Degree Course Hindi

भारतीय कॉलेजों/विश्वविद्यालयों में बीएएमएस पाठ्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए, उम्मीदवारों को पीसीबी (भौतिकी , रसायन विज्ञान , जीव विज्ञान) विषयों के साथ विज्ञान स्ट्रीम में बारहवीं कक्षा पास करनी चाहिए। ज्यादातर मामलों में, बीएएमएस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए पात्र होने के लिए बारहवीं कक्षा में छात्रों का न्यूनतम प्रतिशत 50% से 60% है। हालांकि, कॉलेज/विश्वविद्यालय नीति के आधार पर न्यूनतम प्रतिशत मानदंड बदल जाते हैं। कुछ विश्वविद्यालयों में उनके BAMS पात्रता मानदंड के रूप में न्यूनतम आयु सीमा भी हो सकती है।

उपरोक्त पात्रता मानदंडों को पूरा करने वाले उम्मीदवारों को National Eligibility cum Entrance Test (NEET) के लिए उपस्थित होना होगा और इसके लिए योग्यता प्राप्त करनी होगी। बीएएमएस पाठ्यक्रम में प्रवेश NEET Merit List के आधार पर केंद्रीकृत परामर्श के माध्यम से होता है।

बीएएमएस प्रवेश प्रक्रिया –

NEET का उपयोग BAMS में प्रवेश निर्धारित करने के लिए किया जाता है। BAMS सहित कई चिकित्सा कार्यक्रमों के लिए अब इस प्रवेश परीक्षा की आवश्यकता है। NEET के बाद , BAMS उम्मीदवार अपने परिणामों के आधार पर एक कॉलेज का चयन करने के लिए एक Centralized Consultation Invitation प्राप्त करने के पात्र होंगे। उसके बाद, कॉलेज उम्मीदवारों को और कम करने के लिए एक व्यक्तिगत साक्षात्कार दौर आयोजित कर सकते हैं।

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बीएएमएस कोर्स के लिए प्रवेश परीक्षा

किसी भी कोर्स में एंट्रेंस एग्जाम होना एक साधारण सी बात है | तो दोस्तों अगर आप BAMS कोर्स करना चाहते है तो आपको इस से सम्बंधित प्रवेश परीक्षा पास करनी अनिवार्य है | नीचे हमनें इससे सम्बंधित आयोजित करवाई जाने वाली प्रवेश परीक्षा के बारे में बताया है :-

  • NEET – National Eligibility cum Entrance Test
  • UP CPAT – Uttar Pradesh Combined Pre Ayush Test
  • UAPMT – Uttarakhand Ayurveda Pre Medical Test
  • CG BAMS/ BHMS/ BUMS/ BNYS Entrance Exam
  • AIA PGET – All India Ayush Post Graduate Entrance Test
  • OJEE – Odisha Joint Entrance Examination
  • KEAM – Kerala Engineering Architecture Medical
  • GCET – Goa Common Entrance Test
  • BVP CET – Bharati Vidyapeeth Common Entrance Test
  • IPU CET – Indraprastha University Common Entrance Test

बीएएमएस कोर्स की विशेषज्ञता –

BAMS पाठ्यक्रम कोई विशेषज्ञता प्रदान नहीं करता है। आयुर्वेद चिकित्सा और सर्जरी में स्नातकोत्तर कार्यक्रमों के लिए उम्मीदवारों को डोमेन चुनने की आवश्यकता होती है। आयुर्वेद से एमएस (मास्टर ऑफ सर्जरी) और आयुर्वेद से ही एमडी (डॉक्टर ऑफ मेडिसिन) ये दो मुख्य कार्यक्रम हैं। एमएस (आयुर्वेद) और एमडी (आयुर्वेद) कार्यक्रमों में , उम्मीदवार नीचे उल्लिखित विशेषज्ञताओं में से चुन सकते हैं :-

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  • पदार्थ विज्ञान (Materials Science)
  • शरीर रचना (Body Composition)
  • शरीर क्रिया विज्ञान (Physiology)
  • स्वस्थवृत्त (Svasthavrtta)
  • रस विद्या (Rasashastra)
  • अगदतंत्र (Agad Tantra)
  • विकृति विज्ञान (Pathology)
  • चरक संहिता (Charaka Samhita)
  • प्रसूति एवं स्त्री रोग विज्ञान (Obstetrics and Gynaecology)
  • कौमारभृत्य (Kaumarabhrtya)
  • काय-चिकित्सा (Physiotherapy)
  • शल्यतन्त्र (Surgery)
  • शालाक्य तंत्र (Shalakya Tantra)

बीएएमएस के बाद क्या करें ? BAMS Degree Course Hindi

BAMS एक ऐसा कोर्स है जिसे करने के बाद आप डॉक्टर बन जाते हैं | जहां आप मरीज का इलाज करने के अलावा भी कई अन्य कार्य कर सकते है वही इसके अलावा आप यदि आगे पढ़ाई जारी रखना चाहते है तो आप मास्टर डिग्री के लिए भी आगे जा सकते है जहां MBA , M.P.H , M.D/MS जैसे कोर्स कर सकते है। आप BAMS करने के बाद खुद का क्लिनिक खोल सकते है वही इसके अलावा आप चाहते हैं तो जूनियर डॉक्टर के तौर पर शुरुआत कर सकते है। इसके अलावा Lecturer, Therapist, Ayurvedic Pharmacist, Scientist, Medical Sales Representative, Junior Clinical Trial Coordinator इत्यादि के तौर पर भी कार्य कर सकते है।

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वही इसके साथ ही आप चाहे तो UPSC की तैयारी भी कर सकते है आप इसमें CHO बन सकते है। आप चाहे तो किसी भी Short Term Course कर के हर्बल प्रोडक्ट जैसे साबुन,अन्य क्रीम इत्यादि बनाना सिख सकते है वही BAMS करने के बाद आप योग कोर्स भी कर सकते है। इसके अलावा भी BAMS के बाद बहुतों तरह के कोर्स है जिसे करने के बाद आप अन्य क्षेत्रों में अपना करियर बना सकते है।

बीएएमएस के बाद जॉब के क्षेत्र – BAMS Degree Course Hindi

  • हेल्थकेयर आईटी (Healthcare IT)
  • हॉस्पिटल (Hospital)
  • नर्सिंग होम (Nursing Home)
  • प्राइवेट हॉस्पिटल (Private Hospital)
  • पंचकर्म आश्रम (Panchakarma Ashram)
  • लाइफ साइंस सेक्टर (Life Science Sector)
  • फार्मेसी सेक्टर (Pharmacy Sector)
  • रिसर्च इंस्टीट्यूट (Research Institute)
  • क्लीनिकल ट्रायल्स (Clinical Trials)
  • एजुकेशन (Education)
  • नर्सिंग (Nursing)
  • आयुर्वदिक (Ayurvedic)
  • आयुर्वेदिक स्पा सेंटर/रिज़ॉर्ट Ayurvedic Spa Center/Resort)
  • सरकारी हॉस्पिटल (Government Hospital)
  • सिविल सरकारी जॉब (Civil Government Job)
  • हर्बल प्रोडक्ट मैन्यफैक्चरिंग (Herbal Product Manufacturing)

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बीएएमएस करने के फायदे –

जैसा की हम सभी जानते है पढ़ाई कभी आपको नुकसान नहीं देता है इस तरह यदि आप BAMS कोर्स करते है तो इसके भी कुछ अपने फायदे है तो जानते है BAMS Karne Ke Fayde.

  • यदि आप एक डॉक्टर बनना चाहते है तो BAMS अन्य किसी भी डिग्री जैसे MBBS,BDS इत्यादि के मुकाबले कम खर्च में पूरा किया जा सकता है।
  • BAMS एक ऐसा कोर्स है जिसे करने के बाद आप आयुर्वेदिक चिकित्सा के अच्छे अनुभवी बन सकते है।
  • इक कोर्स को करने के बाद आप आयुर्वेदिक से जुड़े कई क्षेत्रों में कार्य कर सकते है।
  • इस कोर्स को करने के बाद आप मरीजों का इलाज करने के साथ साथ आयुर्वेदिक दवाइयों का बिजनस भी कर सकते है।
  • BAMS कोर्स को आप देश में रह कर भी सस्ते खर्च में पूरा कर सकते है।
  • इस कोर्स को करने के बाद आप रिसर्च के क्षेत्र में भी आगे जा सकते है।
  • आप किसी भी आयुर्वेदिक क्लिनिक में Junior Doctor के तौर पर कार्य कर सकते है।
  • आप BAMS के बाद MBA in Hospital administration करने के बाद आप Administration Department Head बनकर किसी अस्पताल को मैनेज कर सकते है। BAMS Degree Course Hindi

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