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स्ट्रॉ (पाइप) बनाने का बिज़नेस कैसे शुरू करें Straw Making Business Plan in Hindi

स्ट्रॉ (पाइप) बनाने का बिज़नेस कैसे शुरू करें Straw Making Business Plan in Hindi

स्ट्रॉ (पाइप) एक ऐसी चीज है जिसका इस्तेमाल कोई भी जैसे कोका कोला, फलों का जूस, रोज मिल्क, कोल्ड कॉफ़ी, लस्सी इत्यादि को पीने के उपयोग में लाया जाता है  इस प्रकार की यह स्ट्रॉ बेहतर प्रदर्शन, हल्के वजन,  रंग, हैंडलिंग में आसानी, पैकिंग और परिवहन के अनुकूल मानी जाती हैं | और इसी लिए इसकी डिमांड बहुत ज्यादा रहती है और इनका बिज़नेस बहुत बड़े लेवल पर किया जा रहा है

इनका बिज़नेस एक ऐसा बिज़नेस है जो थोड़े से रुपये में शुरु कर सकते और इसके अन्दर ना तो ज्यादा समय लगता है और आसानी से शुरु किया जा सकता है तो यदि कोई भी person स्ट्रॉ (पाइप) बनाने का बिज़नेस शुरु करना चाहते है तो हम इस आर्टिकल में आपको Straw Making Business Plan in Hindi के बारे में विस्तार से बतायेंगे |

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स्ट्रॉ (पाइप) बनाने का Business के मार्केट स्कोप

Straw Making Business Requirements :- आज सभी कोल्ड ड्रिंक या कोई भी जूस पीते है है तो स्ट्रॉ (पाइप) का इस्तेमाल करते है इसलिए आज स्ट्रॉ (पाइप)की डिमांड बहुत ज्यादा है और आने वाले समय में इसकी डिमांड बहुत बहुत ज्यादा होगी इसलिए इस बिज़नेस के मार्केट स्कोप बहुत ज्यादा है और इस बिज़नेस के अन्दर थोड़े से पैसे में शुरु करके अच्छे पैसे कमाए जा सकते है |

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स्ट्रॉ (पाइप) बनाने का बिज़नेस के लिए जरूरी चीजे

Straw Making Business Requirements :- इस बिज़नेस को शुरु करने के लिए बहुत सी चीजो को जरुरत पड़ती है  लेकिन चीज की जरुरत Business  के आकार पर निर्भर करती है क्योकि ये बिज़नेस घर से शुरु करते है तो ज्यादा चीजो की जरुरत नही पड़ती है और बिज़नेस बड़े लेवल पर शुरु करते है तो बहुत सी Requirements होती है | Straw Making Business Hindi

  • इन्वेस्टमेंट (Investment)
  • जमीन (land)
  • बिज़नेस प्लान (Business plan)
  • बिल्डिंग (Building)
  • मशीन (Machine)
  • बिजली, पानी की सुविधा (Electricity, water facilities)
  • कर्मचारी (Staff)
  • कच्चा माल (Raw Material)
  • वाहन (Vehicle)

अब निचे सभी के बारे में विस्तार से बतायेंगे की किस चीज कितनी जरुरत पड़ती है | Straw Making Business 

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स्ट्रॉ (पाइप) बनाने का बिज़नेस के लिए इन्वेस्टमेंट

Investments For Straw Making Business :- इस बिज़नेस के अन्दर निवेश इस Business  के ऊपर निर्भर करता है क्योकि यदि बड़ा Business शुरु करते है तो ज्यादा इन्वेस्टमेंट (Investment) करनी पड़ती है और छोटा बिज़नेस घर से शुरु करते है (Straw banane ka business ) तो उसके अन्दर कम इन्वेस्टमेंट (Investment) करनी पड़ती है ( Straw banane ka business )और खुद की जमीन है तो कम पैसो में काम चल सकता है और यदि जमीन किराये पर लेते है या खरीदते है तो उसके अन्दर ज्यादा इन्वेस्टमेंट  (Investment)करनी पड़ती है | Straw Making Business Hindi

और इसके अन्दर मशीन भी कई प्रकार की आती है और सभी के रेट भी अलग अलग है इनके ऊपर भी इन्वेस्टमेंट निर्भर करती है  इनके बाद इस Business को अच्छे लेवल पर शुरु करने के लिए मशीन खरीदनी पड़ती बिल्डिंग बनानी पड़ती है जिसके अन्दर मशीन लगेगी और स्टॉक रखने के लिए सभी चीज के लिए बिल्डिंग फिर बिजली, पानी की सुविधा और कच्चा माल व् वाहन सभी के लिए अलग अलग इन्वेस्टमेंट(Investment) करनी पड़ती है |

  • जमीन (land) =  Around Rs. 5 Lakhs To Rs. 7 Lakhs (यदि जमीन खुद की है तो यह पैसे नही लगेंगे ) 
  • मशीन (Machine) = Around Rs. 1 Lakhs  To Rs. 1.5 Lakhs
  • Raw Material की लागत = Around Rs. 50,000  To Rs. 1 Lakhs

Total Investment :- Around Rs. 1 Lakh To Rs. 2 Lakhs  (यदि जमीन खुद की है )

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स्ट्रॉ (पाइप) बनाने का बिज़नेस के लिए जमीन

Land For Straw Making Business Hindi इसके अन्दर ज्यादा जमीन की जरुरत नही पड़ती है क्योकि इसके अन्दर न ज्यादा बड़ा प्लांट बनाना पड़ता है (Straw Making Business Hindi ) उसके बाद नही ही इतना बड़ा गोडाउन बनाना पड़ता है Straw banane ka business 

  • Plant :- 500 Square Feet To 700 Square Feet

स्ट्रॉ (पाइप) बनाने के लिए कच्चा माल Straw Banane Ka Saman

Raw material for Straw Making business :- स्ट्रॉ बनाने के लिए प्लास्टिक मोती (beads) और कर्लररेंट का इस्तेमाल किया जाता है और कर्लररेंट का इस्तेमाल स्ट्रॉ को रंग देने में किया जाता है. इसलिए आपको जिस तरह के रंग के स्ट्रॉ चाहिए उसी तरह का कर्लररेंट खरीदें. वहीं प्लास्टिक मोती की कीमतों की बात करें तो इनकी कीमत प्रतिकिलो 120 रूपए से शुरू होती है

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स्ट्रॉ बनाने में इस्तेमाल होने वाली मशीन

 Straw Making Machine :- स्ट्रॉ बिज़नेस में दो प्रकार की मशीनों की जरूरत पड़ती है. जिनमें से पहली मशीन स्ट्रॉ बनाने का काम करती है जब की दूसरी मशीन उनको काटने का काम करती है. स्ट्रॉ बनाने में इस्तेमाल की जाने वाली मशीनों की कीमतों की बात करें, तो स्ट्रॉ का निर्माण वाली मशीन की आरम्भिक राशि लगभग 4 लाख है. वहीं स्ट्रॉ को काटने वाली मशीन की कीमत 50 हजार से शुरू होती है.   इन मशीनों को या तो आप बाजार से या फिर आसानी से अपने घर पर सीधे ऑनलाइन प्रक्रिया द्वारा खरीद सकते हैं. नीचे बताए गए लिंक दिए गये से ऑनलाइन खरीद सकते है

  • http://www.gtechengineering.in/sugarcane-juice-machine.html#electric-sugarcane-juicer-machine
  • https://dir.indiamart.com/impcat/sugarcane-crusher.html

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 Straw का बिज़नेस के लिए जरुरी डॉक्यूमेंट

Document For  Straw Making Business कोई भी Business  शुरु करते है तो कुछ पर्सनल डॉक्यूमेंट की जरुरत पड़ती है और कुछ Business  से सबंधित लाइसेंस की जरुरत पड़ती है जैसे ;

Personal Document (PD) :- Personal Document के अन्दर बहुत से डॉक्यूमेंट होते है जैसे :

  • ID Proof :- Aadhaar Card , Pan Card , Voter Card
  • Address Proof :- Ration Card , Electricity Bill ,
  • Bank Account With Passbook
  • Photograph Email ID , Phone Number ,
  • Other Document  

Business Document (PD)

  • MSME industry Aadhaar Registration
  • Business Registeration
  • Business pan card
  • GST Number
  • FASSI Certificate
  • Trade license

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स्ट्रॉ बनाने की प्रक्रिया

Straw Manufacturing Process in Hindi :- 

  •  सबसे पहले आपको स्ट्रॉ बनाने वाली मशीन में प्लास्टिक मोती और कर्लररेंट को एक साथ डाले |
  • इस मशीन द्वारा इन दोनों चीजों को अच्छे से मिला दिया जाएगा और फिर इन दोनों को पिघला दिया जाएगा.
  • इसके बाद मशीन में लगे ढलवां (moulded) के जरिए आपको इस पिघली हुई सामग्री को स्ट्रॉ का आकार देना होगा
  • जब पिघली हुई सामग्री को आकार मिल जाएगा, उसके बाद इन्हें दूसरी मशीन की मदद से काटना होगा.
  • इसके Straw बनाकर रेडी हो जाता है

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स्ट्रॉ बिज़नेस की मार्केटिंग  (Marketing and business promotion)

 Marketing and Business Promotion :- मार्केटिंग के लिए आप रिटेल और होलसेल दोनों तरह से मार्किट में बेच सकते है जब प्रोडक्ट बनकर तैयार हो जाता है तो Cool drink ,या जूस की दुकान को बेच सकते है और इनको व्होल्सलेर और रिटेलर को बेच सकते है लेकिन यदि सेल बढ़ाना चाहते है तो प्रमोशन जरुरी है  लेकिन प्रमोशन के जरिए अपने उत्पाद को ज्यादा से ज्यादा खरीदारों के बीच बेच सकता है. इसलिए आप भी इन दोनों चीजों का खास ध्यान रखें. आप अपने उत्पाद की मार्केटिंग या प्रमोशन कई तरह से कर सकते हैं |

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स्ट्रॉ बिज़नेस  बनाने का बिज़नेस शुरु करने के लिए प्रोसेस

यदि Straw Making Business शुरु करना चाहते है तो इसके लिए बहुत सी गतिविधिया करनी पड़ती है जैसे area analysis, land selection, project plan, registration, financial Arrangement आदि तो सभी सभी काम एक प्रोसेस के अनुसार करने पड़ते है |

Area Analysis (क्षेत्र विश्लेषण) :- कोई भी बिज़नेस शुरु करना हो तो सबसे पहले एरिया का Analysis करना जरुरी है Area Analysis के अन्दर उस एरिया के अन्दर रिसर्च की जाती है जंहा बिज़नेस करने की सोच रहे है वंहा सब कुछ पता करना पड़ता है जैसे वंहा पहले से कितने Plant है वह किस प्रकार का प्रोडक्ट बना रहे है उनके प्रोडक्ट का price कितना है क्या आप उस से कम price कर सकते है और कस्टमर की क्या डिमांड है सब कुछ पता करे |

Land Selection (जगह का चयन) :- Area Analysis (क्षेत्र विश्लेषण) करने के बाद लोकेशन सेक्लेक्ट करनी पड़ती है और ध्यान रखे उस लोकेशन पर अच्छी रोड़ की सुविधा और पानी की सुविधा और बिजली सुविधा सभी चीजे होनी चाहिए और अच्छी खासी जमीन होनी चाहिए यदि आपके पास ऐसी लोकेशन पैर खुद की जमीन है तो बिलकुल सही है लेकिन आपके पास ऐसी लोकेशन नही है तो ऐसी जमीन देखे जंहा जमीन सस्ती मिल जाये और सभी सुविधा उस जमीन पर मिल जाये Straw banane ka business 

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Straw Making Business

Project Plan (बिज़नेस प्लान):- जब लोकेशन सेलेक्ट की जाये उसके बाद अपना बिज़नेस प्लान ready करे और इस प्लान के अन्दर वह सभी चीजे डाले जो बिज़नेस के अन्दर करनी होती है (Straw banane ka business ) जैसे कितनी इन्वेस्टमेंट करनी पड़ेगी कौन कौन सी मशीन लेके आनी पड़ेगी कौन कौन प्रोडक्ट बनायेंगे ऐसे सभी चीजे बिज़नेस प्लान के अन्दर ऐड होना चाहिए |

Financial Arrangement (वित्तीय व्यवस्था) :- जब बिज़नेस प्लान ready हो जाये उसके बाद  Financial Arrangement करनी पड़ती है क्योकि इन्वेस्टमेंट के बिना कुछ नही किया जा सकता है |

License & Registration:-  जब इन्वेस्टमेंट हो जाये तो उसके बाद लाइसेंस के लिए अप्लाई करे क्योकि Straw के लिए रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस बहुत जरुरी है इसके बिना बिज़नेस नही कर सकते है |

Machinery Purchasing:-  जब बिज़नेस के लिए लाइसेंस मिल जाये उसके बाद बिज़नेस के लिए मशीन खरीदे क्योकि मशीनरी के बिना कोई बिज़नेस नही किया जा सकता है |

Electricity Fitting and Machinery Installation :-  मशीनरी लेने के बाद उनके लिए Electricity Fitting  करे और फिर मशीन लगाये |

Worker Hire :- सभी चीजे करने के बाद अपने बिज़नेस के हिसाब से वर्कर लेके आये उसके बाद अपना बिज़नेस शुरु कर सकते है |

यदि आपको यह Straw Making Business Hindi की जानकारी पसंद आई या कुछ सीखने को मिला तब कृपया इस पोस्ट को

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